भारत ही नहीं दुनियाभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर भारत को दुनियाभर में योग सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन करेगा। इस अवसर पर 191 देशों के 1,300 शहरों में योग को लेकर विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से देश की प्राचीन परंपरा और सौम्य शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा।
विशाखापत्तनम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विषय 'एक पृथ्वी के लिए योग, एक स्वास्थ्य के लिए योग' है। यह विषय एक गहरी सच्चाई को दर्शाता है: पृथ्वी पर प्रत्येक इकाई का स्वास्थ्य परस्पर जुड़ा हुआ है। मानव कल्याण उस मिट्टी के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है जो हमारे भोजन को उगाती है, नदियां जो हमें पानी देती हैं, उन जानवरों के स्वास्थ्य पर जो हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को साझा करते हैं, और उन पौधों के स्वास्थ्य पर जो हमें पोषण देते हैं। योग हमें इस परस्पर जुड़ाव के प्रति जागरूक करता है, हमें दुनिया के साथ एकता की ओर ले जाता है, और हमें सिखाता है कि हम अलग-अलग व्यक्ति नहीं हैं बल्कि प्रकृति का हिस्सा हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व में योग के विस्तार के लिए भारत आधुनिक शोध के माध्यम से योग विज्ञान को सशक्त बना रहा है। हम योग के क्षेत्र में साक्ष्य आधारित चिकित्सा को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। दिल्ली एम्स ने इस संबंध में अच्छा काम किया है। इसके शोध से पता चला है कि हृदय और तंत्रिका संबंधी विकारों के उपचार में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है, साथ ही यह महिलाओं के स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।