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Gurugram में Elvish Yadav के घर फा*यरिंग, पुलिस जांच में जुटी | Elvish Yadav News | Breaking

Sun, 17 Aug 2025 09:51 AM IST
तन्मय बरनवाल वीडियो डेस्क, अमर उजाला


हरियाणा के गुरुग्राम में मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर फायरिंग का मामला सामने आया है। सुबह करीब 5:30 बजे की यह घटना है। जिस समय एल्विश यादव के घर पर गोली चली, उस दौरान घर पर उसकी मां सुषमा यादव मौजूद थीं। सेक्टर 56 थाना पुलिस मौके पर मामले की जांच करने में जुटी है। जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम के गांव वजीराबाद में एल्विश यादव के घर पर बाइक सवार अज्ञात हमलवारों ने करीब 24 से 25 राउंड फायर किए। फायरिंग होते ही एल्विश यादव के घर केयरटेकर का काम करने वाला शख्स घबराकर अंदर भाग गया। साथ ही जानकारी एल्विश यादव के पिता मास्टर राम अवतार को दी।  मास्टर राम अवतार ने बताया कि हमलावर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर भाग गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई।पुलिस मामले की जांच कर रही है, हमें पुलिस की कार्रवाई पर पूरा विश्वास है।

आपको बता दें कि बिग बॉस में जाने के बाद एल्विश यादव की अलग पहचान थी। उनका विवादों से पुराना नाता है। इससे पहले, इलाहाबाद हाईकोर्ट से यूट्यूबर एल्विश यादव को बड़ा झटका लगा था। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में दाखिल चार्जशीट और जारी समन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर किया था। ऐसे में अब उन्हें रेव पार्टी में ड्रग्स व सांप के जहर का लोगों को नशा कराने के आरोप में दर्ज मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की पीठ ने 12 मई को यह याचिका खारिज की थी। गौतम बुद्ध नगर, नोएडा, थाना सेक्टर-49 में एल्विश यादव के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की कई धाराओं में व रेव पार्टी में ड्रग्स और सांप के जहर का लोगों को सेवन कराने व अन्य कई आरोप में मुकदमा दर्ज है।

आरोपपत्र में कहा गया था कि यूट्यूब वीडियो बनाने के लिए सांपों और सांप के जहर का दुरुपयोग किया गया था। साथ ही रेव पार्टियों का आयोजन करने और विदेशियों को बुलाने और उन्हें सांप के जहर और अन्य नशीली दवाओं का सेवन कराने का आरोप लगाया था। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम), गौतमबुद्ध नगर ने चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए समन आदेश जारी किया था। एल्विश यादव ने समन आदेश और चार्जशीट को हाईकोर्ट में चुनौती दी।याची अधिवक्ता ने दलील दी कि शिकायतकर्ता वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए सक्षम व्यक्ति नहीं था। आवेदक से कोई सांप, ड्रग्स आदि बरामद नहीं हुआ था। आवेदक और अन्य सह-अभियुक्तों के बीच किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है।  वहीं, अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने दलील दी कि जांच में सामने आया है कि यादव ने उन लोगों तक सांप पहुंचाया था, जिनसे बरामदगी हुई थी। न्यायालय ने पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।
 

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