एक झलक, एक क्लिक… और शायद एक बड़े विमान हादसे की जड़ तक पहुंचने का रास्ता। अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान AI-171 के रहस्य से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों जांच एजेंसियों के लिए खासा अहम साबित हो रहा है। ये वीडियो किसी पेशेवर ने नहीं, बल्कि एक 17 वर्षीय स्कूली छात्र ने अपने मोबाइल फोन से यूं ही बना डाला था—बिना अंदाजा लगाए कि वह कुछ ही पलों में इतिहास का हिस्सा बन जाएगा।
अहमदाबाद के मेघानीनगर में अपने पिता के पास कुछ दिनों के लिए आए किशोर आर्यन असारी ने रविवार सुबह छत पर खड़े होकर एक विमान को बेहद नीचे उड़ते देखा। उसे लगा, कुछ अजीब है। उत्सुकता से उसने मोबाइल निकाल कर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कुछ ही सेकंड में धमाका हुआ और विमान धरती पर आ गिरा। हादसे का यह वीडियो अब विशेषज्ञों और जांच एजेंसियों के लिए ‘क्रिटिकल इविडेंस’ बन गया है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टेकऑफ के बाद विमान हवा में तो था, लेकिन उसका अंडरकैरिज (लैंडिंग गियर) ऊपर नहीं गया। यही नहीं, विमान के नीचे एक छोटा उपकरण भी नजर आता है जिसे विशेषज्ञ आरएटी (रैम एयर टरबाइन) मान रहे हैं। यह आमतौर पर तभी बाहर आता है जब विमान की पॉवर सप्लाई पूरी तरह फेल हो जाती है।
आरएटी का दिखना इस बात का संकेत हो सकता है कि विमान में अचानक गंभीर विद्युत आपात स्थिति बनी। इससे यह भी सवाल उठता है कि क्या विमान के दोनों इंजन एक साथ फेल हो गए थे? पहले तक विशेषज्ञ मानते थे कि यह दुर्लभ घटना है, लेकिन अब वही लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस बार यह असंभव घटित हो गया?
एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश का बयान इस थ्योरी को मजबूती देता है। उन्होंने बताया था कि एक तेज धमाके के बाद केबिन में लाइट चली गई और एक हरी बत्ती जली। इसके बाद पायलट ने मेडे कॉल किया।
जांच एजेंसियों को ब्लैक बॉक्स (FDR और CVR) मिल चुका है। उससे अंतिम क्षणों की जानकारी जरूर निकलेगी। पर आर्यन के वीडियो ने जांच की दिशा को नया मोड़ दिया है। यदि आरएटी नीचे था, तो इसका मतलब है कि पायलटों ने उसे मैन्युअली सक्रिय किया या फिर किसी झटके से यह स्वतः बाहर आया—दोनों ही स्थितियां किसी गंभीर गड़बड़ी की ओर इशारा करती हैं।
वीडियो की एक और खास बात यह है कि टेकऑफ के बाद भी फ्लैप खुले नजर आ रहे हैं। आमतौर पर 100 फीट ऊपर जाते ही पायलट फ्लैप और लैंडिंग गियर वापस ले लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। क्या पायलटों ने जानबूझकर ऐसा किया? क्या वे किसी इमरजेंसी से जूझ रहे थे? विमान की नोज ऊपर उठाना—जबकि गियर अब भी नीचे हों—एक हताश प्रयास का संकेत हो सकता है।
कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि पायलटों से फ्लैप या गियर हैंडल को गलत दिशा में ले जाया गया होगा। अगर यह गलती हुई हो, तो सिस्टम ने अलार्म बजाया होगा। ऐसे में पायलटों के पास समय बहुत कम था और विमान टेकऑफ के तुरंत बाद ही कंट्रोल से बाहर हो गया।
हादसे से पहले, विमान में ईंधन भरने में 42 मिनट का समय लगा था। एयरपोर्ट सूत्र इसे तकनीकी खराबी से जोड़ते हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ इसे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिहाज से सामान्य मानते हैं। फिर भी, यह संयोग संदेह पैदा करता है।
वीडियो बनाने वाला आर्यन असारी, अहमदाबाद पहली बार आया था। उसके पिता सेना से रिटायर हैं और फिलहाल मेट्रो में गार्ड की नौकरी करते हैं। आर्यन रविवार को ही अपने गांव अरावली लौट गया। जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत में उसने कहा, “मैं सिर्फ नीचे उड़ते विमान को देख रहा था, नहीं जानता था कि वो आखिरी उड़ान होगी। मैं अब उस पल को भूलना चाहता हूं।”
मकान मालकिन कैलाशबा ने बताया कि आर्यन शांत स्वभाव का लड़का है, जिसने वीडियो बनाकर पहले अपने पिता को भेजा था। बाद में यह वीडियो वायरल हो गया और अब हर जगह जांच एजेंसियां उसी पर चर्चा कर रही हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू पहले ही कह चुके हैं कि हर पहलू से गहराई से जांच की जाएगी। हालांकि कोई भी सिर्फ एक वीडियो के आधार पर निष्कर्ष तक नहीं पहुंचेगा, लेकिन यह सच है कि आर्यन का वीडियो अब हादसे की कड़ियों को जोड़ने में बेहद अहम साबित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हादसे की वजह सिर्फ एक तकनीकी खराबी नहीं बल्कि एक के बाद एक कई विफलताएं रही होंगी। और शायद… किसी मासूम की एक क्लिक, अब उन्हीं कड़ियों को जोड़ने का सबसे मजबूत जरिया बन गई है।