हरियाणा कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पार्टी के करीब 20 विधायक तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी राज्यपाल भवन (गवर्नर हाउस) की ओर मार्च करते हुए छात्रों के लिए न्याय, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और हाल के घटनाक्रमों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार पर युवाओं की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
राज्यपाल भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। इसके बाद पुलिस ने हरियाणा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सभी नेताओं को पुलिस वैन में बैठाकर सेक्टर-17 थाना ले जाया गया। हिरासत की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस के विधायक भी सड़क पर धरने पर बैठ गए और छात्रों के समर्थन में अपनी मांगों को दोहराते रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश करते रहे, जबकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है तथा विरोध की आवाज उठाने वालों के साथ सख्ती बरती जा रही है। गीता भुक्कल ने कहा, "ये धक्काशाही चल रही है। लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है। संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। हमारी बेटियों के ऊपर, छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज किया गया, उन्हें लहूलुहान कर दिया गया। हम उनकी आवाज बनेंगे। हमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए, छात्रों के लिए न्याय चाहिए।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाती रहेगी। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कदम नहीं उठाए जाते, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।