मध्य प्रदेश के उज्जैन में शनिवार (6 सितंबर) देर रात बड़ा हादसा हो गया। बड़नगर रोड पर बने शिप्रा नदी के बड़े पुल से एक सफेद कार अचानक नदी में गिर गई। बताया जाता है कि कार चक्रतीर्थ से कार्तिक मेला मैदान की ओर जा रही थी। रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को एक शव मिला है। हालांकि अभी साफ नहीं हो पाया है कि यह शव कार में बैठे लोगों में से किसी का है या फिर किसी और का। खास बात यह है कि शव पुलिस की वर्दी में मिला है। गुमशुदा लोगों और कार को ढूंढने के लिए सर्चिंग जारी है। इसके लिए पुलिस और बचाव दल ने दो ड्रोन भी लगाए हैं।उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि जूना सोमवारिया से बड़े पुल की ओर आ रही सफेद रंग की कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और उल्टे हाथ की ओर से शिप्रा नदी में जा गिरी। फिलहाल गाड़ी का नंबर और इसमें सवार लोगों की सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि रामघाट पर पानी का बहाव काफी तेज है, जिससे कार को खोजने में मुश्किल आ रही है।
नगर निगम, होमगार्ड, एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। जल्द ही गोताखोर और होमगार्ड नदी में उतरकर कार और उसमें सवार लोगों की तलाश करेंगे।हादसे के चश्मदीद अमन गोयल ने बताया कि वह अपनी बहन के साथ स्कूटी से गणेश विसर्जन के लिए आ रहे थे। यहां बेरिकेडिंग नहीं थी, इसलिए वे धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार क्रेटा कार आई। चालक ने रफ्तार नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन गाड़ी पिलर से टकराने के बाद सीधे नदी में जा गिरी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निगम और होमगार्ड की टीमों को मौके पर भेजा। रेस्क्यू टीम नाव और गोताखोरों की मदद से कार और सवार लोगों की तलाश कर रही है। लगातार बारिश से शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। रामघाट और आसपास के मंदिर जलमग्न हैं। वहीं, गणपति विसर्जन के चलते घाट पर भारी भीड़ मौजूद रही, जिससे रेस्क्यू टीमों को ऑपरेशन चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, उन्हेल थाना प्रभारी एक केस की जांच के लिए शनिवार को उज्जैन आए थे. उनके साथ सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और महिला कॉन्स्टेबल आरती पाल भी मौजूद थीं. देर शाम तीनों लौट रहे थे कि उनकी कार शिप्रा पुल के पास अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी. घटना के बाद से ही तीनों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था. मोबाइल फोन भी बंद थे और उनकी आखिरी लोकेशन शिप्रा पुल के आसपास की मिली. इसके बाद रेस्क्यू शुरू हुआ.आज रविवार की सुबह जैसे ही सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू हुआ, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर उतरी तो घंटों की मशक्कत के बाद नदी से कार को बाहर निकाला गया. उसमें से अशोक शर्मा का शव बरामद किया गया है. फिलहाल सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और कॉन्स्टेबल आरती पाल के बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है, उनकी तलाश की जा रही है।