राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनका नाम बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद नहीं है. इस दौरान उन्होंने जो वोटर आईडी नंबर सार्वजनिक रूप से पेश किया, वह चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में नहीं मिला. इस बयान के बाद अब मामला चर्चा में आ गया है.
चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव के दावे पर गंभीरता से प्रतिक्रिया दी है और उन्हें नोटिस जारी किया है. आयोग ने उनसे उस EPIC नंबर से संबंधित दस्तावेज और जानकारी मांगी है, जिससे वह खुद को मतदाता के रूप में साबित कर रहे हैं. आयोग का कहना है कि RAB2916120 नामक कोई EPIC नंबर उनके सिस्टम में मौजूद नहीं है. हालांकि उनके इस बयान के बयान के बाद एनडीए के नेताओं ने घेरना शुरू कर दिया है... केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, "तेजस्वी यादव बिहार की जनता को धोखा दे रहे थे। जनता को गुमराह करना और सफेद झूठ बोलना बहुत बड़ा पाप है... यह साबित हो गया है कि वे(तेजस्वी यादव) सफेद झूठ बोलकर गुमराह कर रहे थे और चुनाव आयोग पर भी गलत आरोप लगा रहे थे...
वहीं RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, "RJD के लोगों की जालसाजी करने की आदत पुरानी है। उनकी जालसाजी एक बार फिर उजागर हो गई है। तेजस्वी यादव ने कहा कि वोटर लिस्ट में मेरा नाम नहीं है। वे जो EPIC नंबर दिखा रहे थे, वह अलग था... उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है
अब सवाल उठ रहा है कि अगर तेजस्वी यादव के पास वैध EPIC नंबर है, तो उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी और नंबर को क्यों दर्शाया? आयोग ने इस पर जवाब मांगते हुए कहा है कि यदि तेजस्वी का दावा सही है तो वे RAB2916120 से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करें ताकि मामला पूरी तरह स्पष्ट हो सके. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जब उन्होंने सार्वजनिक पोर्टल पर अपने EPIC नंबर की जांच की तो उनका रिकॉर्ड नहीं मिला. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गणना के समय जो अधिकारी उनके पास आए थे, उन्होंने कोई आधिकारिक रसीद नहीं दी थी. इस पूरे विवाद के बीच तेजस्वी यादव ने सवाल खड़ा किया कि अगर उनका नाम वोटर लिस्ट से ही गायब हो गया है तो वे कैसे चुनाव लड़ेंगे? उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि लगता है उन्हें भारत का नागरिक ही नहीं माना जा रहा और वे इस घर में रहने के भी अधिकारी नहीं रहे.