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Bengal Election 2026: किरनाहर में 'परिवर्तन यात्रा' के दौरान भिड़े भाजपा-TMC के कार्यकर्ता, भड़की भाजपा!

Sat, 07 Mar 2026 03:45 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ‘परिवर्तन यात्रा’ के दौरान Kirnahar में राजनीतिक तनाव उस समय बढ़ गया जब बीजेपी और All India Trinamool Congress (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। यह घटना उस समय हुई जब बीजेपी के कार्यकर्ता और नेता परिवर्तन यात्रा के तहत इलाके में रैली और जनसंपर्क कार्यक्रम कर रहे थे। परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी सरकार के खिलाफ जनसमर्थन जुटाना और आगामी चुनावों के लिए माहौल बनाना बताया जा रहा था। जैसे ही यात्रा किरनाहर क्षेत्र के टीएमसी पार्टी कार्यालय के पास पहुंची, वहां मौजूद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच पहले नारेबाजी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे तीखी बहस और फिर धक्का-मुक्की में बदल गई।

बताया जाता है कि दोनों पक्षों के समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारे लगाए और माहौल तेजी से तनावपूर्ण हो गया। कुछ समय के लिए स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान स्थानीय लोगों में भी दहशत फैल गई, क्योंकि बड़ी संख्या में दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। हालात को बिगड़ता देख मौके पर मौजूद West Bengal Police के जवानों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति को शांत करने के लिए कड़ी मशक्कत की तथा लोगों को वहां से हटाने के लिए समझाइश भी दी।

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद धीरे-धीरे स्थिति पर काबू पाया गया और संभावित बड़े टकराव को टाल दिया गया। अधिकारियों ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील की और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो। इस घटना के बाद दोनों राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए। बीजेपी नेताओं का कहना था कि उनकी परिवर्तन यात्रा को रोकने और डराने के लिए टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। वहीं टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उकसाने वाली नारेबाजी की, जिसके कारण स्थिति बिगड़ी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अक्सर काफी तीखी रहती है और चुनावी माहौल में इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा या अशांति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर राज्य की सक्रिय और तनावपूर्ण राजनीतिक परिस्थिति को उजागर कर दिया है।

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