अमर उजाला भोपाल संवाद के मंच पर पहुंचे मध्य प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मंत्री ने खेलों के उन्नयन और मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर बात की। मंत्री ने कहा कि युवा को व्यवस्थित, संस्कारित, संयम और अनुशासन की परिपूर्णता में फिट करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सहकारिता मंत्रालय पर बात करते हुए उन्होनें कई बात कही। 'बिना सहकार नहीं उद्धार' का नारा है, लेकिन हमने इसमें एक लाइन और जोड़ी है कि 'बिना संस्कार नहीं सहकार'। सहकारिता में कई घोटाले हुए हैं और प्रश्न चिन्ह लगे हैं।
कुछ राज्यों में इस दिशा में अच्छे काम हुए हैं जैसे महाराष्ट्र, गुजरात,केरल आदि में, हमारे यहां कांग्रेस में भ्रष्टाचार हुआ, जैसे हाउसिंग सोसाइटी का भ्रष्टाचार कांग्रेस के समय ही हुआ। हम उसे समेटने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि जब देश आजादी का 100वां साल मनाए तो विकसित राष्ट्र के रूप में मनाए। इसलिए सहकारिता के क्षेत्र में बहुत काम हो रहा है। हर सेक्टर में सहकारिता के माध्यम से रोजगार के नए अवसर बनाने की कोशिश हो रही है। हमने भी सहकारिता मंत्री बनने के बाद नया कॉन्सेप्ट शुरू किया है।
सीपीपीपी यानी कॉरपोरेट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप। हम कॉपरेट को कॉरपोरेट के साथ मिलाकर काम करने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे कोई एग्रो बिजनेस की कोई कंपनी है तो उसे कच्चा माल पाने में दिक्कत होती है और उसी तरह से किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिल पाता सही समय पर पेमेंट नहीं मिल पाता। हमने उसे व्यवस्थित करने की कोशिश की है। हम किसान और कॉरपोरेट के बीच पैक्स की व्यवस्था कर रहे हैं। इससे कॉपरेटिव, कॉरपोरेट और किसान, तीनों के सहयोग पर काम कर रहे हैं। इससे किसानों को फसल का सही दाम मिलेगा, कॉपरेटिव सोसाइटी को काम मिलेगा और कॉरपोरेट को समय से कच्चा माल मिलेगा। अगर कोई कॉरपोरेट अच्छा उत्पाद बनाता है तो हमारी कॉपरेटिव सोसाइटी उसे बेच सकेंगी। हम पैक्स, क्रेडिट को मजबूत कर रहे हैं। हम रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग पर भी काम कर रहे हैं।