तो सुना आपने सपा प्रमुख अखिलेश यादव का ये बयान... इस बयान में अखिलेश यादव एमपी के सीएम मोहन यादव का बचाव करते नजर आ रहे हैं... एमपी में भाजपा की सरकार है... मोहन यादव भाजपा पार्टी से ही मुख्यमंत्री बने हैं... जिन पर कथित तौर पर जमीन घोटाले का आरोप लगाया गया है हैरानी की बात ये ही कि जहां कांग्रेस मोहन यादव पर सवाल उठा रही है भाजपा सरकार को निशाना बना रही है पर बीजेपी ने इस पूरे आरोप को गलत और बेबुनियाद बाताया है....बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है तो वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव, मोहन यादव का सपोर्ट करते दिखाई दे रहे हैं... जिसने सबको हैरान कर दिया है
राजनीतिक गलियारों में अखिलेश यादव के इस बयान को 'यादव फैक्टर' से जोड़कर देखा जा रहा है... विरोधी दल के होने के बावजूद मोहन यादव के समर्थन में उतरकर अखिलेश यादव ने एक नया राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि अखिलेश यादव ने तीन मुख्यमंत्रियों की बात की है और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर इन तीनों मुख्यमंत्रियों को हटाने की साजिश का आरोप लगाया है... हालांकि अखिलेश ने ये भी दावा किया है कि यूपी की जनता बदलाव चाहती है और आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की साइकिल इतनी तेज चलेगी कि बीजेपी को खुद सत्ता से बाहर होना पड़ेगा...
दरअसल एमपी में जमीन विवाद का मामला तेजी से गरमाता जा रहा है, एमपी के सीएम मोहन यादव सवालों के घेरे में हैं... दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव, उनके परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन और आसपास के इलाकों में 137 भूखंड खरीदे हैं... जिनका कुल क्षेत्रफल 150 एकड़ से ज्यादा है... इसी मामले को लेकर एक तरफ जहां कांग्रेस लगातार भाजपा और मोहन सरकार को घेर रही है तो वहीं दूसरी तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव मोहन यादव के समर्थन में उतरे हैं...