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Ajit Pawar Death Plane Crash News: दोनों NCP गुटों का होगा विलय,पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख का बड़ा दावा!

Sat, 31 Jan 2026 01:03 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

 NCP-SCP नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बारामती प्लेन क्रैश की घटना पर कहा, "अजीत पवार पूरे महाराष्ट्र के कद्दावर नेता था.अजीत दादा का दुखद निधन हुआ। उनके साथ मौजूद पायलट, को-पायलट, अंगरक्षकों का भी दुखद निधन हुआ। मैं यहां पर एक क्रू-मेंबर के आवास पर उनके परिजनों से मिलने आया था... एकाएक निधन से पूरे परिवार को बहुत बड़ी क्षति पहुंची है।" दोनों NCP गुटों के एक होने की कयासों पर उन्होंने कहा, "दोनों पार्टियों को एक साथ आना चाहिए। यह अजीत पवार की इच्छा थी। इसके लिए उन्होंने कई बार बैठक भी की। अजीत पवार चाहते थे कि दोनों पार्टियां एक हों। उस हिसाब से निर्णय ले लिया गया था लेकिन समय का इंतजार था कि कब इसकी घोषणा हो.चुनाव की वजह से ये फैसला आगे गया। 10 फरवरी को इसकी घोषणा होनी थी लेकिन अचानक उनकी मृत्यु हो गई

पूर्व महाराष्ट्र गृह मंत्री अनिल देशमुख ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक राजनीति में एक बड़ा दावेदार बयान दिया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में विभाजित “राष्ट्रीय लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी” (एनसीपी) के दोनों प्रमुख गुटों का विलय होने वाला है। देशमुख का दावा है कि यह विलय केवल अटकलें नहीं बल्कि अजित पवार की आखिरी इच्छा और कई महीनों से चल रही तैयारियों का नतीजा है, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि दिवंगत नेता अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार के बीच कई दौर की बातचीत और बैठकें पहले ही हो चुकी थीं, और नगर निगम चुनावों के बाद दोनों गुटों के एक होने की घोषणा की योजना लगभग पक्की हो चुकी थी, लेकिन चुनावों और अचानक आए जिला परिषद/पंचायती राज चुनावों के चलते घोषणा स्थगित रह गई थी। अब, देशमुख के अनुसार, विलय का अंतिम निर्णय लेकर इसके औपचारिक ऐलान की प्रक्रिया फरवरी के दूसरे सप्ताह में हो सकता है।

अनिल देशमुख ने यह भी कहा कि पूरे पवार परिवार शरद पवार, सुनेत्रा पवार, पार्थ और जय पवार  मिलकर इस विलय की रूपरेखा तय करेंगे, जिससे दोनों गुट एकजुट होकर महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण को नई दिशा दे सकें। उन्होंने यह बात बारामती में मीडिया से साझा की, जहां उन्होंने स्पष्ट किया कि अजित पवार की अंतिम इच्छा थी कि दोनों एनसीपी गुट एक साथ आएं, और वह न सिर्फ गठबंधन बल्कि पूरे संगठन को पुनः एक स्वर में खड़ा करने के प्रयास में थे।

विश्लेषकों का मानना है कि यह विलय दोनों पक्षों के लिए केवल भावनात्मक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण कदम होगा, क्योंकि इससे एनसीपी की इकाई और शक्ति लौट सकती है, जो 2023 में विभाजन के बाद से संपन्न नहीं हो पाई थी। दोनों गुटों के विलय के साथ ही एनसीपी महाराष्ट्र के राजनीति में फिर एक मजबूत विपक्षी विकल्प के रूप में उभर सकती है, जैसे कि यह पहले हुआ करता था।

हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और एनसीपी (एसपी) के कुछ नेताओं ने बयान को औपचारिक पुष्टि नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक परिदृश्य में गुटों के पुनर्मिलन की अटकलें तेज हैं, और अगले कुछ हफ्तों में इस बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है।

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