चिंतपूर्णी (ऊना)। चिंतपूर्णी में शुक्रवार को शिव महापुराण कथा के प्रवचन हुए। कथावाचक आचार्य गोपाल चंद शास्त्री ने बताया कि अहंकार मनुष्य को पतन की ओर ले जाता है। इससे मनुष्यता ही खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऊंचा पद प्राप्त कर चुकी हस्तियां भी घमंड का शिकार हो जाती हैं। जब इंसान में मैं आ जाता है तो उसे अच्छा-बुरा कुछ समझ नहीं आता है।
उसके कृत्य उसे पतन की ओर ले जाते हैं। जिसने अहंकार से अपने आप को बचा लिया उसने अपना जीवन सफल कर लिया। भगवान शिव की भक्ति फलदायक होती है। भोले शंकर अपने सभी भक्तों का कल्याण करते हैं। मनुष्य को अपने कर्मों का खुद आत्म मंथन कर लेना चाहिए ताकि वह वास्तविकता के समीप रह सके और बुरे कर्मों से दूर रहे। इस मौके पर मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल, वित्त लेखा अधिकारी कुलदीप कुमार, मंदिर न्यास सदस्य तिलक राज कालिया, पूर्व प्रधान विनोद कालिया, पूर्व मंदिर अधिकारी मदन लाल शर्मा, नवीन कालिया, राजन कालिया कुलदीप कालिया, खेमचंद शास्त्री मौजूद रहे। संवाद