भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने बताया कि 27 जून को पालमपुर में इमरजेंसी के नायकों के सम्मान में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में वर्ष 1975 में लागू इमरजेंसी के दौरान जन आंदोलन में भाग लेने और जेल जाने वाले जनसंघ सहित विभिन्न दलों के नेताओं को सम्मानित किया जाएगा। धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में विपिन परमार ने कहा कि 1975 में लगाई गई इमरजेंसी कोई प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक महिला की हठधर्मिता का परिणाम थी। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लागू की गई इमरजेंसी को आज भी देश में काला दिवस के रूप में याद किया जाता है।