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VIDEO : यमुनानगर में विदेशी मेहमानों के लिए तरसा हथिनी कुंड बैराज का चबूतरा

चार राज्यों के लिए जीवन रेखा हथिनी कुंड बैराज। एक समय था जब बैराज के कुंड और उसके चबूतरों पर विदेश मेहमानों (प्रवासी पक्षी) की चहलकदमी और ठंडे पानी में डुबकी लगाकर अठखेलियां करना आकर्षक का केंद्र बनी रहती थी। लेकिन, अब बैराज का चबूतरा विदेशी मेहमानों के लिए तरस गया है। चबूतरा पूरी तरह से खाली दिखाई दे रहा है। एक भी प्रवासी पक्षी अब यहां दिखाई नहीं देता। इसका मुख्य कारण हथिनी कुंड बैराज पर पिछले साल से बोटिंग का शुरू होना। बता दें नवंबर व दिसंबर माह में ये प्रवासी पक्षी लंबा मिलों का सफर तय करते हुए हथिनी कुंड बैराज के कुंड में अठखेलियां करने पहुंचते थे। परंतु, अब वोटिंग के कारण यहां आने वाले प्रवासी पक्षी शोर की वजह से यहां रूक नहीं पाते, ऐसे में पर्यटकों में निराशा देखने को मिल रही है। पर्यटक सुरेंद्र कुमार, सतीश, विक्रम सिंह, आफताब व मुनव्वर ने बताया कि वह हथिनी कुंड बैराज पर घूमने के लिए आते जाते रहते हैं। बोटिंग से पहले यहां सैंकड़ों की संख्या में प्रवासी पक्षी सर्दियों में नवंबर व दिसंबर माह में देखने को मिलते थे, जिनकी अठखेलियां वे अपने मोबाइल में भी कैद करते थे। इन प्रजातियों के आते रहे प्रवासी पक्षी हर वर्ष सर्दी में विदेशों से सैंकड़ों प्रजाति के पंछी यहां प्रवास के लिए आते रहे हैं। इस दौरान यहां पर साइबेरियन मुरगाबी, पिंन टेल डक, सपोर्ट बिल, हेडेड गूज, कूट सहित अन्य प्रजातियों के प्रवासी पक्षी यहां देखे जा सकते थे। सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रवासी पक्षियों की संख्या में इजाफा होने लगता था। करीब तीन महीने हजारों विदेशी पंछी नहर किनारे घाटों व बैराजों पर नजर आते थे। वहीं प्रवासी पक्षी हथिनी कुंड बैराज समेत विभिन्न जगहों पर नहर में पानी पीते, अठखेलियां करते इन प्रवासी पक्षियों को देखने से ऐसा प्रतीत होता था कि उन्हें यहां का वातावरण खूब भाता है।

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