जींद। उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने विवाह और अन्य समारोह के दौरान रात 10 बजे के बाद बजाए जाने वाले डीजे तथा हथियारों के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि जश्न मनाने के लिए अधिकृत हथियार लाइसेंस धारी आमतौर पर लाइसेंसी हथियारों के माध्यम से उत्सव के दौरान हवाई फायरिंग में लिप्त रहते हैं। इससे जान-माल का खतरा रहता है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में राज्य के कई जिलों में इस तरह की घटनाओं से मृत्यु, घायल होने तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं। कानून के अनुसार शस्त्र लाइसेंस धारकों को उनकी सुरक्षा कारणों से हथियार रखने की अनुमति है। लेकिन वे इन आयोजनों में अन्य व्यक्तियों के जीवन को खतरे में डालने के लिए उत्सव के नाम पर इसका इस्तेमाल नहीं सकते। उन्होंने कहा कि बैंक्वेट हॉल, होटलों व बारात घरों के संचालक शादियों की बुकिंग करने वाले व्यक्तियों से लिखित में यह आश्वासन भी लें कि समारोहों के दौरान हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला में स्थित सभी बैंक्वेट हॉल, होटलों व बारात घरों में जरूरत अनुसार सीसीटीवी लगाने और डीबोर्डिंग लगाकर इस आशय की चेतावनी प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए। सीसीटीवी और डीवीआर की भंडारण क्षमता 15 दिनों से कम नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि विवाह एवं अन्य समारोह में ऊंची आवाज में डीजे बजाने से ध्वनि प्रदूषण भी होता है। इसके कारण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों का उल्लंघन होने की संभावना है। उन्होंने आमजन से अनुरोध किया कि विवाह एवं अन्य समारोहों के दौरान रात्रि 10 बजे के बाद कोई भी व्यक्ति डीजे का उपयोग नहीं करे। ताकि मानव जीवन और संपत्ति को खतरा और सार्वजनिक शांति में व्यवधान, दंगा या झगड़े से बचा जा सके। पुलिस विभाग के कर्मी रात्रि गश्त के दौरान इस तरह के समारोह में डीजे बजाने व अन्य नियमों का पालन करवाना सुनिश्चित करें।
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद