हरियाणा में 10 साल से भाजपा की सरकार है। 2014 में बहुमत के साथ और 2019 में दोबारा सरकार बनाने के पीछे उत्तरी हरियाणा के आठ जिलों के मतदाताओं का समर्थन मुख्य रहा है। इन जिलों की 31 विधानसभा सीटों में से 16 पर भाजपा का कब्जा है। गैर जाट बहुल इन जिलों को भाजपा अपना गढ़ मानती है। मगर, 10 साल की सत्ता के बाद भाजपा और उसके विधायकों को गढ़ में ही सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा को अंबाला सीट भी गंवानी पड़ी। गढ़ बचाने के लिए पार्टी को नए सिरे से किलेबंदी करने के साथ रणनीति भी बदलनी पड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अबकी दक्षिण हरियाणा यानी अहीरवाल बेल्ट के बजाय उत्तरी हरियाणा की जीटी बेल्ट से चुनावी शंखनाद करेंगे।