चरखी दादरी में देवउठनी एकादशी के दिन अबूझ साहा है और इसके चलते कार डेकोरेशन की दुकानों में चांदी हो रही है। जिले में 30 से अधिक दुकानों पर 400 गाड़ियां सजाने की बुकिंग मिल चुकी है और एक दिन में 35 लाख से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। वहीं, फूल विक्रेताओं का कहना है कि गाड़ियों के सजाने के अलावा वर-माला व फूलों की मांग भी बनी रहती है। शहर की वाटिकाओं और शादी समारोह के फूलों का अच्छा कारोबार होने की उम्मीद होती है। 12 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ ही वैवाहिक सीजन की शुरुआत हो रही है। पहले वैवाहिक मुहूर्त पर जिले भर में 500 से अधिक शादियां होने की संभावना जताई जा रही है। वैवाहिक सीजन के साथ ही फूल विक्रताओं का कारोबार भी गुलजार होने की उम्मीद है। शादी से पहले दूल्हे जहां अपनी गाड़ियों को सजाने की एडवांस बुकिंग करवाने में जुटे हैं तो वहीं अन्य सजावट के लिए गुलाब की पत्तियों और अन्य फूलों के लिए भी पहले बुकिंग हो रही है। स्थानीय फूल विक्रताओं का कहना है कि कार सजावट के अलग अलग रेट निर्धारित किए गए हैं। इसके साथ ही मोगरा फूलों से बने गजरे और वर मालाओं की मांग बहुत बढ़ जाती है। फिलहाल यह है फूलों का भव फूलों के नाम आज के भाव गेंदा फूल प्रति किलोग्राम - 70-80 गुलाब फूल कली - 20-22 गुलदावरी फूल प्रति किलो 280- 300 गुलाब पत्तियां प्रति किलो 250- 300 गजरा मोगरा फूल गजरा 30 - 35 दिल्ली की गाजीपुर मंडी से आते है फूल राजधानी में सभी प्रकार के फूलो की मंडी दिल्ली के गाजीपुर में है। जिले के सभी दुकानदार फूल खरीदने के लिए इसी मंडी से खरीदारी करते हैं। मंडी में समय समय पर भावों में गिरावट व तेजी बनी रहती है। वैवाहिक प्रोग्राम में अधिकतर गुलाब, गेंदा और गुलदावरी के फूलों की मांग रहती है। दुकानदार बोले: अच्छे कारोबार की उम्मीद, आ रहीं एडवांस बुकिंग फिलहाल दुकान पर केवल 15 गाड़ियों के सजाने की एडवांस बुकिंग हो गई है। लेकिन साहा के दिन दुकान से 40-45 गाड़ियों का आना बड़ी बात नहीं है। आज कल के ग्राहक यू ट्यूब में देखकर नए डिजाइनों में गाड़ियों काे सजाना पसंद कर रहे हैं। पहले साहा में फूलों का अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। -अनूप सिंह, फूल विक्रेता अभी जो बाजार भाव है उसी अनुसार फूलों की बुकिंग की जा रही है। सोमवार को दिल्ली स्थित गाजीपुर मंडी जाने के बाद ही भावों में बदलाव होने की संभावना है। अधिकतर लोग प्रोग्राम के दिन ही गाड़ी सजवाने के लिए आते है। अभी तक केवल 15 गाडियों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। -छोटे लाल, फूल विक्रता बनावटी फूलों की बिक्री होने के कारण असली फूलों के कारोबार में कमी आई है। वैवाहिक स्थलों में अधिकतर लोग असली फूलो की अपेक्षा बनावटी फूलों से सजावत करवा पसंद करते हैं, ताकि शादी का बजट कुछ हद तक कम हो सके। बावजूद इसके फूलों का कारोबार अच्छा रहने की संभावना है। -प्रवीन मुंजाल, डेकोरेशन शॉप संचालक