हरियाणा के कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि हमारे खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में बहुत शानदार प्रदर्शन किया। कल मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की एक ही नीति थी कि पदक लाओ पद पाओ। हमारी यह नीति इसलिए थी कि ज्यादा से ज्यादा युवा खेलों से जुड़े उन्हें नौकरी की चिंता न हो। हम नौकरी देते। डीएसपी लगाते थे। 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के 101 मेडल आए थे थे। जिसमें 38 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते थे। यह पूर्व की कांग्रेस सरकार की खेल नीति का परिणाम है। आज तो हाल यह है कि पोल गिरने से खिलाड़ियों की मौत हो रही है। अब अगले कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे लेकिन गुजरात में होंगे। कम से कम इसकी सह मेजबानी हरियाणा को मिलनी चाहिए थी। हरियाणा के मुकाबले गुजरात का खेल बजट ज्यादा है फिर भी हरियाणा के खिलाड़ी ज्यादा पदक जीते हैं। हरियाणा सरकार एचकेआरएन के माध्यम से युवाओं का शोषण कर रही है। हम इसके खिलाफ 19 अगस्त को विरोध प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि एक बार फिर हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री को पूर्व की कांग्रेस सरकार की खेल नीति की जानकारी नहीं है। हमारी पॉलिसी में खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाता था और नौकरी भी दी जाती थी। कांग्रेस राज में हरियाणा ऐसा पहला राज्य बना था जिसमें हर ब्लाक में स्टेडियम बनाया गया था। हरियाणा अपने किसान, जवान और खिलाड़ियों के लिए जाना जाता था।हरियाणा को आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सह मेजबानी मिलनी चाहिए।