कभी आप मुंबई घूमने गए हों तो जरूर मन किया होगा कि बांद्रा के बैंड स्टैंड पर खुले आसमान के नीचे समंदर की लहरों के साथ कुछ पल बिताया जाए। इस बैंड स्टैंड के पहले नुक्कड़ पर हर सुबह देश भर से आए तमाम जरूरतमंदों का जमघट लगता है। हिंदी सिनेमा की चंद नायाब फिल्में लिखने वाले एक राइटर से ये लोग मिलने आते हैं और, फिर शुरू होता है एक सिलसिला जो सिर्फ एक दिन का नहीं होता। कैसा है ये मेला और कौन सुनता है यहां जुटे लोगों की फरियाद, देखिए अमर उजाला टीवी की ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।