चाहे 'ऐ दिले नादां' हो या 'कभी-कभी मेरे दिल में ख़्याल आता है' या फिर 'दिल चीज़ क्या है आप मेरी जान लीजिए'....दिल को छूने वाले इन नग़मों को सजाने वाला भले ही आज हमसे दूर चला गया हो पर उसके सुर हमारे दिलों को ता-ज़िदगी धड़काते रहेंगे। अहसासों को ज़िंदा करते रहेंगे और मोहब्बत में पाकीज़गी भरते रहेंगे।