कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं में धांधली और गड़बड़ी के मामले में रविवार को दिनभर छात्र और शिक्षक दिल्ली के रामलीला मैदान में डटे रहे। दिल्ली पुलिस की ओर प्रदर्शन के लिए शाम पांच बजे तक ही अनुमति दी गई थी। इसके बाद भी बड़ी संख्या में छात्र रामलीला मैदान में डटे रहे। पुलिस ने छात्रों से अनुमति की समय सीमा समाप्त होने का हवाला देकर कई बार मैदान को खाली करने का अनुरोध किया। छात्र नारेबाजी कर वहां से हटने को तैयार नहीं थे। हालात को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वहां पर पुलिस बल बुला लिया। बाद में जबरन पुलिस ने रामलीला मैदान को खाली करवा लिया। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त निधिन वाल्सन ने बताया कि करीब 44 छात्रों को हिरासत में लेकर कमला मार्केट थाने ले जाया गया। देर रात सभी को रिहा कर दिया गया। छात्रों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने के आरोप लगाए हैं। इसको लेकर छात्रों ने एक्स पर लिखना शुरू भी कर दिया गया। पुलिस ने छात्रों के आरोप से इंकार किया है। पुलिस उपायुक्त निधिन वाल्सन ने बताया कि प्रदर्शन के लिए छात्रों और शिक्षकों को शाम पांच बजे तक की ही अनुमति प्रदान की गई थी। दिन में जुटे ज्यादातर छात्र शाम के बाद वापस चले भी गए। करीब 100 छात्र वहीं रामलीला मैदान में धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उनको हटने के लिए कहा तो वह नारेबाजी करने लगे। इस दौरान छात्र धक्का-मुक्की भी करने लगे। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को नजदीकी कमला मार्केट थाने ले जाया गया। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने छात्रो के मामले में सख्ती बिल्कुल भी नहीं बरती। देर रात को सभी छात्रों को रिहा भी कर दिया गया। फिलहाल रामलीला मैदान के आसपास पुलिस बल तैनात है।