गुरु कुन्दनलाल गंगानी फाउंडेशन की तरफ से संतति नामक एक संगीतमय और नृत्यमय संध्या का आयोजन किया गया। इसका आयोजन त्रिवेणी कला संगम में हुआ। इसे जयपुर घराने की शास्त्रीय परंपरा और कथक की पीढ़ीगत विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। यहां संतति शब्द स्वयं इस प्रस्तुति की भावना को परिभाषित करता है। जिसका अर्थ है परंपरा, उत्तराधिकार और निरंतरता का प्रवाह।