डीजीसीए को भेजा गया वेलिडेशन फ्लाइट का डाटा
- एनओसी के बाद यापल की ओर से एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए किया जाएगा आवेदन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर सफल लैंडिंग और टेकऑफ करने वाली वैलीडेशन फ्लाइट का डाटा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भेज दिया है। डीजीसीए की अनापत्ति प्रमाण पत्र के बाद यापल की ओर से एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाएगा।
दरअसल, नौ दिसंबर को एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस के एयरबस ए-320 काॅमर्शियल विमान वीटी-आईएफआई ने रनवे पर पहली लैडिंग की थी। विमान ने करीब एक घंटे तक हवा में आईएलएस व अन्य उपकरणों की जांच की और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से समन्वय स्थापित करते हुए रनवे पर सफल लैंडिंग की थी। इसका पूरा रिकॉर्ड तैयार हो चुका है, जिसे डीजीसीए के पास भेज दिया गया है। संभावना है कि रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही काॅमर्शियल फ्लाइट का प्रमाणीकरण प्राप्त हो जाए। अब एयरोड्रम लाइसेंस आवेदन के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के प्रमाणीकरण का इंतजार है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (यापल) वेलिडेशन फ्लाइट की रिपोर्ट मिलने के बाद एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा, जिसे 90 दिनों में डीजीसीए से अनुमति मिलने का नियम हैं। ऐसे में मार्च तक प्रमाणीकरण मिलने की संभावना है। वहीं, फ्लाइट शुरू करने के लिए एआईपी पब्लिकेशन की जरूरत होती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईटा) की वेबसाइट पर किया जाता हैं, जिसमें दुनिया के सभी देशों को नए एयरपोर्ट शुरू होने की जानकारी दी जाती है। यह प्रक्रिया छह फरवरी तक पूरी कर ली जाएगी, इसके बाद ही टिकट बुकिंग सेवा शुरू होगी। टिकट बुकिंग सेवा इंटरनेशनल उड़ान शुरू होने से 90 दिन और घरेलू छह हफ्ते पहले शुरू हो जाएगी। कुल मिलाकर सभी प्रकार के लाइसेंस व अन्य जरूरी दस्तावेजों से संबंधित औपचारिकताएं अप्रैल के दूसरे सप्ताह में पूरी हो जाएंगी। नायल के सीईओ डाॅ. अरुणवीर सिंह ने बताया, वैलीडेशन फ्लाइट का डाटा डीजीसीए को भेज दिया है।