आदिगुरू शंकराचार्य जी की गद्दी जोशीमठ में श्री नृसिंह मंदिर में विराजमान हो गई। इस दौरान सैकड़ों भक्त मौजूद रहे। गढ़वाल स्काउट की मधुर बैंड धुनों के साथ शनिवार 18 नवंबर दोपहर 3:33 बजे श्रवण नक्षत्र में बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। इस दौरान करीब 5,500 श्रद्धालुओं ने धाम में दर्शन किए। कपाट बंद होने के बाद कुबेर जी, उद्धव जी और गरुड़ जी की उत्सव डोली बामणी गांव पहुंची। इसके बाद देव डोलियां पांडुकेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी जोशीमठ नृसिंह मंदिर में विराजमान हुई।