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'लाल आतंक' का खात्मा: बस्तर का 96 फीसदी हिस्सा नक्सलमुक्त, केवल दो-तीन पंचायतों में प्रभाव; जानें क्या बोले IG

Tue, 31 Mar 2026 12:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

केंद्रीय गृह मंत्री का 31 मार्च तक बस्तर को नक्सलमुक्त करने का दावा पूरा होता दिख रहा है। इसका मुख्य कारण नक्सलियों के शीर्ष नेताओं का मुठभेड़ में मारा जाना या मुख्यधारा में लौटना है। अब बस्तर का 96 फीसदी हिस्सा पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो चुका है।

बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि आज 31 मार्च को बस्तर नक्सल मुक्त हो जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि 96 फीसदी इलाका अब नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुका है। इसके लिए 1500 से अधिक ग्राम पंचायतों को नक्सली प्रभाव से मुक्त कराया गया है। केवल दो-तीन पंचायतों में ही नक्सलियों का आंशिक प्रभाव देखने को मिल रहा है। बड़े नक्सली नेता पहले ही समर्पण कर चुके हैं।

इससे नक्सल संगठन नेतृत्वहीन हो गया है। अबूझमाड़ के कुछ क्षेत्रों में अब भी छोटे-छोटे समूहों में नक्सलियों की मौजूदगी है। सरकार ने दावा किया है कि देश नक्सल मुक्त हो चुका है। नक्सल संगठन की शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह से ढह गई है।

बस्तर के नक्सल मुक्त होने के करीब आने का एक बड़ा कारण नक्सलियों के नेताओं का समर्पण है। नक्सलियों को नेतृत्व देने वाला पापा राव ने हाल ही में समर्पण किया है। उसने अपने 17 साथियों के साथ बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक के सामने आत्मसमर्पण किया। यह घटना नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों के लगातार प्रयासों से बस्तर में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगा है। 1500 से अधिक ग्राम पंचायतों को नक्सल प्रभाव से मुक्त कराया गया है। यह सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत और रणनीति का परिणाम है। अब केवल कुछ ही क्षेत्रों में नक्सलियों का सीमित प्रभाव बचा है। 

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