नक्सलवाद और नक्सली घटनाओं के लिए ही चर्चे में रहने वाला सुकमा जिला शिक्षा के शिक्षा क्षेत्र में नए बदलाव कर रहा है। जहां लाल सलाम के नारे ही गूंजा करते थे वहां अब स्कूल की घंटी और बच्चों की एबीसीडी सुनने को मिल रही है। यह सुखद तस्वीर सुकमा जिले के दुलेड़ एलमागुंडा की है, जहां आजादी के 77 साल के बाद स्कूल खुला है। हालांकि स्कूल झोपड़ी में है, क्योंकि इन इलाकों में व्यवस्थाओं को अब तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है।