छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रशिक्षित मनरेगा मेट महासंघ के बैनर तले पूरे प्रदेश भर के प्रशिक्षित मनरेगा मेट बालोद में एकत्र हुए। मनरेगा मेट संघ ने इस आयोजन के माध्यम से अपनी समस्याओं को जनप्रतिनिधियों और प्रशासन शासन के समक्ष रखा। मनरेगा मेट अधिवेशन में बताओ और मुख्य अतिथि कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी शामिल हुए। सांसद मोहन मंडावी ने संघ के इस अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी कुछ जायज मांगे हैं। उनकी तनख्वाह काफी कम है और इन्होंने कोरोना के संक्रमण काल के समय भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत काफी कुछ पैसा दिया। परंतु यहां की राज्य सरकार ने मनरेगा का पैसा नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी में लगा दिया। उन्होंने कहा कि वह मनरेगा मेट संघ के एक-एक मजदूरों कर्मचारियों के लिए पत्र लिखेंगे। भारत सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है और घोषणा समिति में भी घोषणा पत्र में शामिल करने के लिए उनकी मांगों को रखा जाएगा।