रायगढ़ जिले में आधे दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर जेएसडब्लयू कंपनी के खिलाफ आंदोलन का आगाज कर दिया। गांव के ग्रामीण आज सुबह से कंपनी के मुख्य गेट के सामने धरने में बैठ गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम नहरपाली में स्थित जेएसडब्लयू कंपनी के खिलाफ सिंघनपुर, नहरपाली, कुरूभांठा, सलिहाभांठा, लोढाझर, बिलासपुर, रक्सापाली, तिलाईपाली के अलावा भूपदेवपुर ग्रामीण एक लंबे अर्से से अपनी जायज मांग करते आ रहे हैं। गांव के ग्रामीणों ने बताया कि जेएसडब्ल्यू कंपनी भू-अर्जन से प्रभावित लोगों को रोजगार देने, प्रदूषण नियंत्रण, सीएसआर फंड से गांव का विकास करने के अलावा कई अनेक वादे किये गए थे परंतु आज तलक कंपनी के ये सारे वादे खोखले साबित हुए हैं। इससे पहले भी प्रभावित गांव के ग्रामीणों ने अपनी जायज मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था और उनकी मांग पूरी नही होनें की स्थिति में आंदोलन करने की बात कही गई थीं, इसी के तहत आज सुबह से फिर से गांव के ग्रामीणों ने कंपनी के मुख्य गेट के बाहर धरना अनिश्चकालीन धरना प्रदर्शन का आगाज कर दिया है। इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने के प्रयास में जुट गई है। परंतु गांव के ग्रामीण अपनी मांग को लेकर अडे हुए हैं। सात सूत्रीय मांगें: 1. रोजगार: भू-विस्थापितों को आदर्श भू-अधिग्रहण संहिता के तहत स्थायी रोजगार, रिटायरमेंट और मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी को नौकरी की गारंटी। 2. निष्कासित कर्मचारियों की बहाली: पूर्व में निकाले गए मजदूरों को बिना शर्त काम पर वापस लिया जाए। 3. पुनर्वास: आदर्श पुनर्वास नीति का सख्ती से पालन किया जाए। 4. सीएसआर सुविधाएं: सिंघनपुर, नहरपाली, सलिहाभांठा सहित नौ अंगीकृत गांवों में मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 5. प्रदूषण नियंत्रण: धूल, धुआं और डस्ट से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाई जाए। 6. सड़क अतिक्रमण: कंपनी द्वारा हड़पी गई WBM सड़कों को मुक्त किया जाए। 7. फसल नुकसान मुआवजा: राजस्व अधिकारियों के निरीक्षण के आधार पर फसल नुकसान का उचित सेटलमेंट किया जाए।