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करतला ITI में बड़ा फर्जीवाड़ा: फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से ली नौकरी, एक साल बाद खुली पोल; अब पहुंचा जेल

Wed, 13 May 2026 01:48 PM IST
कोरबा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान करतला में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला उजागर हुआ है। एक युवक ने तेलंगाना के कॉलेज का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और बैंक स्टेटमेंट लगाकर आईटीआई में प्रशिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। एक साल तक नौकरी करने के बाद दस्तावेजों की जांच में पोल खुली तो उसने तुरंत त्यागपत्र दे दिया। संयुक्त संचालक बिलासपुर के जांच प्रतिवेदन पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पूरा मामला करतला आईटीआई का है। वर्ष 2023 में आईटीआई में प्रशिक्षक सहित विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक-युवतियों ने आवेदन किया था। इसी दौरान सिविल लाइन थानांतर्गत एमपी नगर निवासी अनिकेत कर्ष ने भी प्रशिक्षक पद के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।

अनिकेत ने विभाग के समक्ष तेलंगाना के विस्टन कॉलेज का अनुभव प्रमाण पत्र पेश किया। दस्तावेज में दर्शाया गया कि वह वहां प्रशिक्षणकर्ता के पद पर कार्यरत था और उसे 15,600 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था। प्रमाण पत्र के साथ उसने वेतन संबंधी बैंक स्टेटमेंट भी जमा किया। दस्तावेजों के आधार पर विभाग ने अनिकेत को करतला ITI में प्रशिक्षक के पद पर नियुक्ति दे दी।

नियुक्ति के बाद अनिकेत आईटीआई में बतौर प्रशिक्षक सेवा देने लगा। विभागीय नियमानुसार कुछ समय बाद दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। जांच में अनिकेत द्वारा प्रस्तुत तेलंगाना के कॉलेज का अनुभव प्रमाण पत्र और बैंक स्टेटमेंट पूरी तरह फर्जी पाए गए।

जांच में फर्जीवाड़े की भनक लगते ही अनिकेत ने वर्ष 2024 में महज एक साल सेवा देने के बाद पद से त्यागपत्र दे दिया। इधर औद्योगिक प्रशिक्षण के संयुक्त संचालक बिलासपुर कार्यालय ने जांच पूरी कर प्रतिवेदन तैयार किया और करतला पुलिस को भेज दिया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि संयुक्त संचालक से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस ने अनिकेत कर्ष के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज से नौकरी हासिल करने का अपराध दर्ज किया। धारा 420, 467, 468, 471 IPC के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। आशंका है कि दस्तावेज बनाने में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। विभाग अब अन्य नियुक्तियों के दस्तावेज भी खंगाल रहा है।

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