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बालको में AI रोबोट ‘अलाइसा’ की एंट्री: भारत के मेटल सेक्टर में पहला बड़ा कदम, कर्मचारियों को मिलेगी ये सुविधा

अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Updated Wed, 15 Apr 2026 09:35 PM IST

वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने संयंत्र में ‘अलाइसा’ (एल्यूमिनियम एआई सपोर्ट एजेंट) नामक अत्याधुनिक एआई-संचालित ह्यूमनॉइड असिस्टेंट को तैनात किया है। यह अपनी तरह का पहला सिस्टम है, जिसे एल्यूमिनियम निर्माण में शॉप फ्लोर की क्षमता, संचालन दक्षता और औद्योगिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। भारत के मेटल सेक्टर में कोर मैन्युफैक्चरिंग में ह्यूमनॉइड एआई अपनाने का यह पहला बड़ा कदम है।

बालको के स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स में कार्यरत ‘अलाइसा’ शॉप फ्लोर टीम के लिए ऑन-ग्राउंड प्रशिक्षण, ज्ञान और निर्णय-सहायता के इंटरफेस के रूप में काम कर रहा है। यह कन्वर्सेशनल एआई को प्लांट-विशिष्ट ऑपरेशनल इंटेलिजेंस के साथ जोड़ता है। इसके जरिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), मानक रखरखाव प्रथाओं (एसएमपी) और महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल पर रियल-टाइम, संदर्भित मार्गदर्शन सीधे कार्यस्थल पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी में तकनीक और मानव क्षमता के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ‘अलाइसा’ की तैनाती डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह शॉप फ्लोर पर सीखने, निर्णय लेने और सुरक्षा के मानकों को नई दिशा दे रहा है। यह पहल कर्मचारियों को रियल-टाइम मार्गदर्शन देने के साथ उन्हें अधिक सक्षम, जागरूक और आत्मनिर्भर भी बना रही है। हम सुरक्षित, स्मार्ट और भविष्य-तैयार कार्यस्थल के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शुरुआती चरण में ‘अलाइसा’ ने 100 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। यह लर्निंग मॉड्यूल, रियल-टाइम प्रश्न समाधान और मूल्यांकन-आधारित सिस्टम प्रदान करता है। इससे सुपरवाइजर कर्मचारियों की समझ और कौशल प्रगति की प्रभावी निगरानी कर पा रहे हैं। डेटा-आधारित सतत सीखने को शॉप फ्लोर में समाहित कर यह सिस्टम प्रक्रियाओं के मानकीकरण, सुरक्षा नियमों के अनुपालन को सुदृढ़ करने और उच्च-तीव्रता वाले औद्योगिक वातावरण में कार्यबल की तैयारी को बेहतर बना रहा है।

प्रारंभिक फीडबैक में सामने आया कि कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी तक बेहतर पहुंच मिली है, संचालन संबंधी समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और रियल-टाइम निर्णय लेने में आत्मविश्वास बढ़ा है। परास्नातक प्रशिक्षु उदय चौहान ने बताया कि पॉटलाइन पर कार्य शुरू करने से पहले ‘अलाइसा’ से एसओपी-आधारित सुरक्षा प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण उतना ही प्रभावी था जितना किसी मानव ट्रेनर द्वारा दिया जाता है।

‘अलाइसा’ कंपनी की व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा का हिस्सा है, जो सप्लाई चेन, पॉटलाइन ऑपरेशंस, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन यूनिट तक विस्तारित है। ये पहल उन्नत एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और इंटेलिजेंट सिस्टम्स के माध्यम से संचालन दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और सुरक्षा प्रदर्शन को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हैं।

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