कबीरधाम पुलिस ने सात दिन के भीतर एक अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मृतक के दोस्त को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने मामूली विवाद के बाद युवक की हत्या की थी।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को थाना बोड़ला क्षेत्र के ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के पास एक अज्ञात शव मिला था। जांच में उसकी पहचान दुर्ग जिले के जामुल निवासी 34 वर्षीय उदय प्रताप सिंह राजपूत के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और सीने पर गंभीर चोटों से हत्या की पुष्टि हुई।
इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अखिलेश कौशिक ने थाना बोड़ला और साइबर थाना की संयुक्त टीम गठित की। टीम ने मृतक के परिजनों और परिचितों से पूछताछ की। टोल प्लाजा और भोरमदेव क्षेत्र के 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच में सामने आया कि उदय प्रताप सिंह आखिरी बार अपने मित्र हीरासिंह उर्फ बउवा केंवट के साथ मोटरसाइकिल पर देखा गया था।
पुलिस ने जामुल निवासी हीरासिंह उर्फ बउवा केंवट (45) को हिरासत में लिया। तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के सामने आने पर आरोपी ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 14 जुलाई को वह उदय प्रताप को शराब पीने और घूमने के बहाने भोरमदेव-चिल्फी घाटी ले गया था। रास्ते में मोटरसाइकिल से गिरने की बात पर दोनों में विवाद हो गया। गुस्से में उसने नायक ढाबा के पास पत्थर उठाकर उदय के सिर और सीने पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी शव वहीं छोड़कर मृतक की मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया था। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने खून से सना पत्थर बरामद किया। वारदात के समय पहने गए कपड़े और मृतक की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। घटनास्थल पर आरोपी से घटनाक्रम का डेमो कराया गया, जिसकी वीडियोग्राफी भी हुई। पुलिस ने आरोपी को 22 जुलाई को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।