कबीरधाम में बाजार चारभाठा धान संग्रहण केंद्र से 22 हजार क्विंटल से अधिक धान के लापता होने का मामला गहरा गया है। इस गायब धान की अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर अधिकारियों द्वारा इसे चूहों द्वारा खाया जाना बताया गया था, लेकिन अब यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। जोगी कांग्रेस ने इस घटना को अधिकारियों द्वारा धान का गबन करार दिया है और आरोप लगाया है कि इसे चूहों पर डाला जा रहा है।
'वांटेड चूहा' की तलाश में जोगी कांग्रेस
इस राजनीतिक विवाद के चलते, जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को शहर में 'वांटेड चूहा' की तलाश के पोस्टर लगाए हैं। पार्टी के जिला अध्यक्ष सुनील केसरवानी ने कहा कि जिले में 7 से 8 करोड़ रुपये मूल्य के धान का गबन हुआ है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अधिकारी इस धान की कमी को चूहों के सिर मढ़ रहे हैं। जोगी कांग्रेस लोगों से अपील कर रही है कि यदि उन्हें यह 'लापता चूहा' कहीं दिखाई दे तो वे तुरंत सूचित करें, ताकि यह पता चल सके कि यह चार पैरों वाला चूहा है या दो पैरों वाला। इस मामले को लेकर गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी कवर्धा आएंगे। वे धान संग्रहण केंद्र पहुंचकर जाल लेकर चूहा पकड़ने वालों के साथ चूहों को पकड़ने और कलेक्टर के सामने पर्दाफाश करने का दावा कर रहे हैं।
जिला प्रशासन का 'सूखत' तर्क
दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने धान की कमी के लिए 'सूखत' को मुख्य कारण बताया है। प्रशासन का दावा है कि धान चूहों या कीड़ों द्वारा नहीं खाया गया है, बल्कि यह सूखत के कारण कम हुआ है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए, संग्रहण केंद्र प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) को भी इस पूरे मामले को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।