गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला थानाक्षेत्र के रानीझांप गांव में करीब एक माह पूर्व डेढ़ वर्षीय मासूम की कथित तौर पर करंट लगने से हुई मौत के मामले में अब नया मोड़ ले लिया है। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने प्रशासन की मौजूदगी में मासूम के शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पूरा मामला 30 मई का है जब गौरेला थानाक्षेत्र के रानीझांप गांव निवासी योगेश कुमार राठौर का डेढ़ वर्षीय पुत्र पार्थ राठौर अपनी मां के साथ आंगनबाड़ी केंद्र गया था। उसकी मां आंगनबाड़ी सहायिका हैं। बताया गया कि योगेश अपनी पत्नी को आंगनबाड़ी छोड़कर पास में नहाने चले गए थे। इसी दौरान मासूम खेलते-खेलते आंगनबाड़ी के समीप लगे सोलर हैंडपंप के लोहे के स्टैंड के संपर्क में आ गया। आरोप है कि स्टैंड में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक के पिता योगेश राठौर ने ग्राम पंचायत और बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हैंडपंप की मोटर खराब होने के बाद कथित रूप से सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना पंप को सीधे सोलर सिस्टम से जोड़ दिया गया। इससे पानी फैलने के बाद लोहे के स्टैंड और आसपास के गीले हिस्से में करंट प्रवाहित होने लगा, जिससे यह हादसा हुआ।
परिजनों के अनुसार, घटना के समय पूरा परिवार सदमे में था। इसी कारण पुलिस को सूचना दिए बिना बच्चे का अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया गया। बाद में परिजनों ने मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम किया। चूंकि घटना के समय पोस्टमार्टम नहीं हुआ था, इसलिए जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी। पिता की सहमति और पेंड्रारोड एसडीएम की अनुमति के बाद पुलिस एवं प्रशासन की मौजूदगी में शव का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि शव अत्यधिक गल जाने के कारण शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिल सके। केवल कुछ अस्थि अवशेष सुरक्षित मिले हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर ग्राम पंचायत, बिजली विभाग और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि घटना के दिन इतनी गंभीर दुर्घटना होने के बावजूद पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं मिली और तत्काल वैधानिक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।