शाखा के कर्मचारियों ने ग्राहकों से वसूली गई लोन की किस्तें और अन्य भुगतान कंपनी के खाते में जमा नहीं किए थे। कंपनी ने पहले कर्मचारियों को नोटिस जारी किया, पर कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद हुए ऑडिट में 267 महिला ग्राहकों से वसूले गए 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपये जमा न होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पकड़े गए आरोपियों में बेमेतरा जिले के साजा निवासी अनिल विश्वकर्मा शामिल है। दूसरा आरोपी दुर्ग के पाटन निवासी संदीप कुमार खूंटीहरे है।