दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के हथखोज औद्योगिक इलाके में स्थित सिसकोल प्लांट में बुधवार देर शाम एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। क्रेन से लोहे की भारी प्लेट उठाकर ले जाने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया और प्लेट नीचे गिर गई। इसकी चपेट में आने से क्रेन ऑपरेटर राजेश निर्मलकर (40) गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद प्लांट के अन्य मजदूरों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। खास बात यह है कि करीब सात महीने के भीतर इसी प्लांट में क्रेन से लोहे की प्लेट गिरने की यह दूसरी घटना है, जिसके बाद प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, धमधा निवासी राजेश निर्मलकर सिसकोल प्लांट में क्रेन ऑपरेटर के रूप में काम करता था। बुधवार शाम क्रेन की मदद से लोहे की प्लेट को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक प्लेट का संतुलन बिगड़ गया और वह क्रेन से फिसलकर नीचे जा गिरी। प्लेट सीधे राजेश के ऊपर जा गिरी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुरानी भिलाई पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में मर्ग कायम किया गया है।
सात महीने में दूसरी मौत
सिसकोल प्लांट में इससे पहले भी करीब सात महीने पहले इसी तरह का हादसा हुआ था। उस दौरान लेखूराम कौशल (35) की क्रेन से गिरी लोहे की प्लेट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। वह भी क्रेन ऑपरेटर के रूप में काम करता था। लगातार दूसरी घटना सामने आने के बाद प्लांट में काम करने वाले मजदूरों ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि भारी मशीनरी और लोहे की प्लेटों के बीच काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सावधानी बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। तकनीकी खामी, प्लेट के संतुलन बिगड़ने और सुरक्षा मानकों के पालन समेत अन्य पहलुओं की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी।