विभाग तैयारियों में जुटा, दो साल से नहीं हुए ऑनलाइन तबादले
नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले तबादला ड्राइव पूरी करने की कोशिश
चंडीगढ़। पिछले दो साल से तबादले के इंतजार में बैठे अध्यापकों के लिए राहतभरी खबर है। नए साल से ऑनलाइन तबादला ड्राइव शुरू होने के आसार हैं। शिक्षा विभाग ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। संभावना है तीन माह में इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा और नए सत्र से पहले अध्यापकों को नए स्टेशन पर भेजा जाएगा।
2016 में ऑनलाइन टीचर्स पाॅलिसी लाई गई थी। उस समय दावा था कि हर साल अध्यापकों के ऑनलाइन तबादले होंगे। लेकिन पिछले आठ साल में मात्र चार बार ही तबादले हो सके। 2016, 17 व 19 और 22 में ही तबादले हुए हैं, जबकि पिछले दो सालों से तबादले नहीं हो पाए हैं। सितंबर 2023 में तबादलों को लेकर तैयारी थी, लेकिन अक्तूबर माह में इसे रोक दिया। 2017 बैच के जेबीटी के आज तक अंतर जिला तबादले नहीं हो पाए हैं। काफी संख्या में अध्यापक ऐसे हैं, जो घरों से कई सौ किलोमीटर की दूरी पर रहने को मजबूर हैं।
तबादलों को लेकर हसला प्रधान सतपाल सिंधु समेत राजकीय अध्यापक संघ और जेबीटी व टीजीटी अध्यापकों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मुलाकात कर चुके हैं। शिक्षा मंत्री भी आश्वासन दे चुके हैं कि नए साल की शुरुआत में इस पर काम शुरू होगा। अब मंत्री के निर्देश के बाद तैयारियां शुरू हो गई हैं।
विभाग के लिए रेशनेलाइजेशन बड़ी चुनौती
हर बार तबादलों में रेशनेलाइजेशन बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है। छात्रों की संख्या के आधार पर अध्यापकों की नियुक्ति को लेकर विभाग की ओर से डाटा जिला अधिकारियों को भेजा जाता है, लेकिन तय समय पर यह डाटा सत्यापित ही नहीं हो पाता। ऐसे में बार-बार तबादला ड्राइव में दिक्कतें आती हैं।
सरकार ने वादा तो हर साल ऑनलाइन तबादला करने का किया था, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। इससे अध्यापकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आठ साल में केवल चार बार ही तबादले हो सके हैं। विभाग को चाहिए कि छात्रों की संख्या के आधार पर नए सत्र से पहले ही रेशनेलाइजेशन करके तबादला ड्राइव को पूरा कराया जाए, ताकि बीच में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।
- सतपाल सिंधू, प्रधान, हसला