उत्तराखंड के सितारगंज में गेहूं के खेत में आग लगने से दो गांवों की करीब 17 एकड़ फसल जलकर नष्ट हो गई। ग्रामीणों ने खेतों के किनारे जुताई कर आग पर काबू पाया।
घटना के करीब 45 घंटे बाद फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन तब तक ग्रामीण आग बुझा चुके थे। दोनों गांवों के करीब 24 किसानों को 5.65 लाख का नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग ने आग से हुए नुकसान का आकलन भी किया।
सोमवार की दोपहर करीब ढाई बजे सैंजनी गांव के धीर सिंह और उसके दो भाइयों के खेत में आग भड़क गई। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते आग ने विकराल रूप से ले लिया और पास के ही रतन सिंह, प्रकाशवती, बलवंत सिंह व ओमप्रकाश के खेत में आग फैल गई। इन किसानों की करीब छह बीघा 0.380 हेक्टेयर फसल जलकर नष्ट होने के साथ ही गांव की सीमा से सटे पिंडारी गांव के खेत भी आग की चपेट में आ गए।
जिससे गांव की काश्तकार रेवती देवी, धरम सिंह, भगवान सिंह, बृज बिहारी, प्रीतम सिंह, सुरजीत सिंह, हीरा सिंह, प्रसादी सिंह, गुमानी सिंह, आन सिंह, प्रेम सिंह, जयपाल सिंह, भगत सिंह, निर्मलवती, होबी सिंह, सुरजीत सिंह व सुग्रीव सिंह करीब 6.690 हेक्टेयर (16.5 एकड़) में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
पटवारी महेश पाल ने आग से क्षति का मुआयना किया। उन्होंने बताया सैंजनी के किसानों को करीब 30 हजार का नुकसान हुआ है। जबकि, पिंडारी में आग राख फसल की अनुमानित उपज 334.50 कुंतल गेहूं होने से 16 सौ रुपये प्रति कुंतल की दर से अनुमानित क्षति पांच लाख 35 हजार आंकी गई है। बताया कि क्षति की रिपोर्ट तहसीलदार आरसी गौतम को भेजी है।
इधर, शहर की सुप्रिया कालोनी के पास चार किसानों की करीब 6.5 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। पटवारी रामअवतार ने बताया कि इन किसानों को दो लाख रुपये की क्षति हुई है।
आग से राख फसल का मुआयना
बीते दिन साधूनगर गांव में आग से जलकर राख किसानों के गेहूं के खेतों का खटीमा के पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा ने मुआयना किया। नौ अप्रैल को साधूनगर गांव में बिजली के तारों में शार्ट सर्किट के कारण गांव के आठ किसानों की 2.874 हेक्टेयर भूमि में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई थी। जिससे इन किसानों को करीब दो लाख 14 हजार रुपये का नुकसान हुआ था।
सोमवार को पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा ने गांव पहुंचकर पीड़ित किसानों का हाल जाना और आग से नष्ट खेतों का मुआयना किया। राणा ने एसडीएम अनिल कुमार व विद्युत विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात कर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया। वहां पर सरवण सिंह, गुरमीत सिंह, अनिल सिंह राना, अरविंद सिंह दीपू, छोटे लाल आदि थे।