चमोली जनपद से इलाज के लिए युवक उत्तरकाशी जिला अस्पताल पहुंचा। युवक को पेट की टीबी थी। जिससे उसकी आंते चिपक गई थी। जिला चिकित्सालय में युवक का सफल आपरेशन किया गया। चिकित्सकों का कहना है कि जल्द युवक को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहे उत्तरकाशी जनपद के लिए अच्छी खबर है। यहां इलाज के लिए अन्य जनपदों से भी लोग पहुंच रहे हैं। कुछ दिन पूर्व सीमांत जनपद चमोली के एक दूरस्थ से यहां एक युवक पहुंचा। जिसे पेट में टीबी की बीमारी थी। जिसके चलते उसकी आंते बुरी तरह चिपक गई थी। युवक की बहिन ने बताया कि कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद भी कोई फायदा नहीं मिल रहा है। कुछ माह पूर्व युवक को जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में दिखाया गया । जहां अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट के आधार पर पेट में टीबी की पुष्टि हुई। जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग से उसे हायर सेंटर जाने की सलाह दी गई। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह देहरादून जैसे बड़े शहरों में नहीं जा पाया। युवक की बहन ने बताया कि उन्होने पहले मेडिकल कालेज से सबंद्घ बेस अस्पताल श्रीकोट में डा. केपी सिंह से युवक का इलाज कराया था। बेस अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि डा. केपी सिंह का स्थानांतरण उत्तरकाशी जिला अस्पताल हो गया है, तो वह यहां पहुंचे। मंगलवार को डा. केपी सिंह (सर्जन) ने युवक का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन करीब साढ़े चार घंटे तक चला। ऑपरेशन के दौरान चिपकी आंतों को अलग-अलग किया गया। डा. केपी सिंह की गणना राज्य के अनुभवी सर्जन के रूप में है।
- पेट ं टीबी के कारण युवक की आंते चिपक गई थी। जिन्हें आपरेशन कर अलग किया गया है। ऑपरेशन काफी जटिल था, करीब साढ़े चार घंटे का समय लगा। अभी मरीज की स्थिति खतरे से बाहर है। डा. केपी सिंह सर्जन जिला अस्पताल उत्तरकाशी।