गत दो दशकों से लाइनमैन और मीटर रीडर नहीं होने से ऊर्जा निगम में बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठेकेदार भरोसे है। स्थिति यह है कि बिजली चोरी के कारण निगम को प्रतिमाह 26 से 27 लाख का राजस्व घाटा उठाना पड़ रहा है।
उत्तरकाशी विद्युत वितरण खंड में लदाड़ी और चिन्यालीसौड़ दो उपखंड हैं। इनमें ऊर्जा निगम के लगभग 48 हजार बिजली उपभोक्ता हैं लेकिन विद्युत आपूर्ति के लिए निगम के पास एक भी लाइनमैन और मीटर रीडर नहीं है। स्थिति यह है कि लाइनमैन और मीटर रीडर के 150 पद रिक्त चल रहे हैं और विद्युत आपूर्ति ठेकेदार भरोसे है। जिसके चलते विद्युत लाइनों की निगरानी नहीं होने से बिजली चोरी के मामले भी बढ़े हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में ही गत पांच सालों में विद्युत चोरी के 287 मामले पकड़े जा चुके हैं। हाल में चिन्यालीसौड़ प्रखंड में विद्युत विजिलेंस ने चार गांव में छापेमारी कर 60 लोगों के खिलाफ विद्युत चोरी का मामला दर्ज करवाया था। प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष कोमल सिंह राणा ने बताया कि ऊर्जा निगम के पास स्थायी लाइनमैन और मीटर रीडर नहीं होने से गांव में बिजली कनेक्शन लेने में भी दिक्कत होती है। कुछ लोगों के कनेक्शन हैं तो उनको विभाग द्वारा मीटर मुहैया नहीं कराया गया है।
इधर, ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मनोज गुसाईं का कहना है कि गत दो दशकों से लाइनमैन और मीटर रीडर के स्थायी कर्मचारी नहीं है। इसलिए ठेकेदारों से ही काम चलाया जा रहा है। बिजली चोरी के कारण उत्तरकाशी डिवीजन को प्रतिमाह 26 से 27 लाख का नुकसान हो रहा है। इस कारण समय-समय पर बिजली चोरी के खिलाफ विद्युत विजिलेंस अभियान चलाया जाता है।