इस बार गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की यात्रा आपदा से उभर गई है। एक माह में पहुंचे करीब अस्सी हजार तीर्थयात्रियों की संख्या यात्रा पर पड़ी आपदा की काली छाया के छंटने का संदेश दे रही है।
यात्रियों की यह संख्या वर्ष 2013 में आपदा से पूर्व एक माह पहुंचे यात्रियों की संख्या के सापेक्ष 70 फीसदी है। धाम एवं यात्रा पड़ावों पर आपदा के बाद से चौपट व्यवसाय भी फिर से पटरी पर लौटने लगा।
17 जून 2013 में आई आपदा से चारधाम यात्रा चौपट हो गई थी। आपदा के बाद इक्का-दुक्का यात्री ही यहां पहुंचे। वर्ष 2014 में भी यात्रियों में आपदा का पूरा भय बना रहा।
दोनों धामों में पूरे छह माह के यात्राकाल में मात्र 95 हजार तीर्थयात्री दर्शन के लिए पहुंचे। यात्रा चौपट होने से हजारों लोग बेरोजगार हो गए थे।
धाम एवं यात्रा पड़ावों पर सन्नाटा पसरा रहता था। इस साल स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। 21 अप्रैल को शुरू हुई गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की यात्रा को एक माह का समय बीत गया है।
इस बीच करीब अस्सी हजार तीर्थयात्री दोनों धामों में माथा टेक चुके हैं। इसमें 40 हजार आठ सौ चार गंगोत्री और 37 हजार 97 यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचे।
बरसात में भी नहीं थमेगी यात्रा : डीएम
डीएम इंदुधर बौड़ाई ने बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार यात्रा लगातार रफ्तार पकड़ती जा रही है। यात्राकाल में पांच लाख से अधिक यात्रियों के आने की उम्मीद है।
धाम एवं यात्रा पड़ावों पर अभी कुछ अव्यवस्थाएं हैं, जिन्हें जल्द दुरुस्त किया जाएगा। बरसात के दौरान भी यात्रा सुचारु चले इसके लिए दोनों धामों की सड़क के भूस्खलन एवं भूधंसाव प्रभावित जोन चिह्नित किए गए हैं।
उरेडा गंगोत्री धाम में 200 किलोवाट का जनरेटर लगाने जा रहा है। शासन से जनरेटर लगाने की स्वीकृति मिल गई है। एक माह के अंदर जनरेटर गंगोत्री धाम पहुंच जाएगा।
इस मौके पर एडीएम बीके मिश्रा, पर्यटन अधिकारी खुशहाल सिंह नेगी, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
छह साल में गंगोत्री-यमुनोत्री पहुंचे तीर्थयात्री की संख्या
वर्ष यात्रियों की संख्या
2010 717738
2011 947259
2012 887577
2013 444596
2014 97816
2015 77901
नोट- वर्ष 2015 का एक माह का आंकड़ा है।