आधी रात तक जाम में ही फंसे रहे तीर्थयात्री
नौगांव (उत्तरकाशी)। सारीगाड़ के पास यमुनोत्री हाईवे पर बिना बारिश के हुए भूस्खलन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। बीते शुक्रवार को पहाड़ी से अचानक मलबा आने के कारण हाईवे करीब छह घंटे तक बंद रहा। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और बड़ी संख्या में वाहन रातभर जाम में फंसे रहे।
हाईवे रात करीब 12 बजे के बाद यातायात के लिए खोला गया लेकिन दोनों तरफ जमा वाहनों की लंबी कतार के कारण स्थिति सामान्य होने में कई घंटे लग गए। देहरादून-विकासनगर से नौगांव और बड़कोट पहुंचने वाली शाम छह बजे की सवारी बसें रात करीब ढाई से तीन बजे अपने गंतव्य तक पहुंच सकीं।
इससे बसों में सवार यात्रियों के साथ चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को भी रातभर परेशानी झेलनी पड़ी। शनिवार को भी सारीगाड़ के पास पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा गिरता रहा। इसके चलते हाईवे बार-बार बंद और खुलता रहा और दोनों ओर कई वाहन घंटों तक फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि सारीगाड़ के पास यह स्थान पिछले दो माह से हाईवे पर लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। कई बार मार्ग बाधित होने के बावजूद स्थायी और सुरक्षित समाधान नहीं निकल पाया है।
डामटा निवासी गंभीर सिंह ने बताया कि नौगांव से डामटा की महज 28 किलोमीटर दूरी तय करने में उन्हें करीब 10 घंटे लग गए। वह शुक्रवार शाम छह बजे परिजनों के साथ रवाना हुए और रातभर जाम में फंसे रहने के बाद सुबह चार से पांच बजे के बीच डामटा पहुंच पाए। सीओ बड़कोट चंचल शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम भूस्खलन स्थल पर तैनात रही और वाहनों को सुरक्षित तरीके से पास कराने में मदद करती रही।