दीपदान कर मां यमुना से की देश-दुनिया की खुशहाली की कामना
बड़कोट। मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव में यमुना जयंती उत्सव धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने यमुना घाट पर मां यमुना की विशेष पूजा-अर्चना की। साथ ही दीपदान कर मां यमुना से देश दुनिया की खुशहाली की कामना की।
मंगलवार को मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव में यमुना जयंती पर यमुना पुरोहित समाज की ओर से यमुना मंदिर से स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ यमुना नदी तट तक भव्य कलश यात्रा निकाली। वहां उन्होंने यमुना नदी तट पर पहुंचकर मां यमुना की जलधारा का विधिवत पूजन, अभिषेक व विशेष पूजा-अर्चना की। साथ ही यमुना नदी में दीपदान किया।
वहीं, पूजा-अर्चना के दौरान मां यमुना से क्षेत्र व देश दुनिया की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। इसके बाद वह यमुना मंदिर में पहुंचे जहां उन्होंने मां यमुना का अभिषेक कर भव्य आरती की। यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि प्रति वर्ष चैत्र शुक्ल षष्टी तिथि को यमुना जयंती मनाई जाती है।
इस दिन मां यमुना धरती पर आई थी। उन्होंने कहा कि पद्मपुराण में यमुना नदी को पाप नाशिनी, शोक हारिणी व कल्याणी कहा गया है। मान्यता है कि भगवान सूर्य की पुत्री व यम की बहन यमुना नदी की जलधारा में जो भी व्यक्ति स्नान करता है उसे पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस मौके पर पुरुषोत्तम उनियाल, मनमोहन उनियाल, सुनील उनियाल, प्रदीप उनियाल, गौरव उनियाल, गिरीश उनियाल, ज्योति प्रसाद उनियाल, संजीव उनियाल, राहुल उनियाल, संदीप उनियाल, विपिन उनियाल, पवन उनियाल आदि मौजूद रहे।