ग्रामीणों की आजीविका का साधन फसलें ही हैं, पलायन को मजबूर हैं ग्रामीण
उत्तरकाशी। भटवाड़ी विकासखंड के जखोल गांव में जंगली जानवरों की गांव के आसपास बढ़ रही चहलकदमी से ग्रामीण भयभीत हैं। उनका कहना है कि गांव में गेहूं और आलू की फसल को जंगली सुअर, भालू और लंगूर पूरी तरह बरबाद कर चुके हैं। ग्रामीणों की आजीविका का साधन फसलें ही हैं। ऐसे में अब फसलें बरबाद होने से वे पलायन के लिए मजबूर हैं।
गौर सिंह रमोला, मानवेंद्र रावत, अजयपाल रावत, पवन रावत, अमरचंद रमोला, सुरेश राणा धर्मेंद्र रमोला, चंद्रमोहन सिंह, जयेंद्र सिंह, मोहन सिंह, चतर सिंह, बलबीर सिंह ने इस संबंध में विधायक सहित वन और कृषि विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। कहा कि आलू सहित गेहूं और अन्य नकदी फसलें ग्रामीणों की आजीविका के प्रमुख साधन है, लेकिन जंगली जानवर उसे बरबाद कर रहे हैं।
जंगली सुअर सहित भालू और लंगूर खेतों में घुसकर पूरी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन इन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि गांव के लोगों की मुख्य आर्थिकी का साधन यही है और इसके साथ ही फसलों के हर वर्ष नुकसान से अब लोग पलायन के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि काश्तकारों को फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही प्रभागीय वनाधिकारी वन विभाग की टीम को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का निर्देश दें। वहीं गांव में तकनीक युक्त और कंटीले तारबाड़ की व्यवस्था कृषि विभाग की ओर से करवाया जाए। कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता तो आगे आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।