गंगोत्री हाईवे पर ट्रीटमेंट कार्य ग्रामीणों के लिए बना मुसीबत
डीएम ने बीआरओ को दिए त्वरित समस्या हल करने के निर्देश
उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे पर रतूड़ीसेरा में पहाड़ी पर ट्रीटमेंट कार्य कर रहे बीआरओ और कार्यदायी संस्था की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। रतूड़ीसेरा के ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्य में उनका एकमात्र पैदल मार्ग ध्वस्त हो गया है। साथ ही नहरें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं लेकिन बीआरओ की ओर से पांच वर्ष बीतने के बाद भी पुनर्निर्माण नहीं किया गया है।
रतूड़ीसेरा गांव के मुकेश बहुगुणा, भगवती बहुगुणा, संजीव बहुगुणा, दिनेश, बालकराम, विजय का कहना है कि उनके गांव के समीप गंगोत्री हाईवे पर पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण आवाजाही में परेशानी हो रही थी। वर्ष 2019 में बीआरओ की ओर से वहां पर ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया गया। उस समय कार्यदायी संस्था की ओर से पहाड़ी के ऊपर गांव के सिंचित खेती के लिए जा रही नहर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था लेकिन आज तक उसका पुनर्निर्माण नहीं किया।
इससे ग्रामीणों को खेती करने में समस्या हो रही है। स्थिति यह है कि सिंचाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों के खेत बंजर पड़े हैं। पहले इसी समस्या से ही परेशान थे तो अब कार्यदायी संस्था की ओर से गांव को जोड़ने वाला एक मात्र आवागमन का पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही कई बार पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो जाती है।
रतूड़ीसेरा के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर कहा कि कई बार बीआरओ के अधिकारियों से लिखित और मौखिक निवेदन किया कि उनका पैदल मार्ग सहित नहर का पुनर्निर्माण किया जाए लेकिन आज तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए अब ग्रामीणों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
इस पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बीआरओ के अधिकारियों को प्रकरण के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। बीआरओ के कमांडर राजकिशोर ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और जल्द ही आवश्यक कार्य कर समस्या का समाधान किया जाएगा।