नगर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण पर बृहस्पतिवार को पालिका प्रशासन का डंडा चला। पालिका ने दल बल के साथ शहर के भैरव चौक से लेकर अस्पताल रोड तक सड़क किनारे स्थापित 21 अवैध खोखे हटाए। पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा ने टीम के साथ मौके पर जाकर स्वयं खोखा व्यापारियों से सामान हटाने की अपील की। वहीं, अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा।
पालिका ने बीते आठ अक्तूबर तक सड़क किनारों पर डेरा जमाए रेहड़ी ठेली व खोखा व्यापारियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी थी, लेकिन व्यापारियों ने खोखा हटाना तो दूर उसमें रखा सामान तक नहीं हटाया। हालांकि अतिक्रमण हटने का डर खोखा व ठेली व्यापारियों को पालिका के ऐलान के बाद से ही सता रहा था। यही वजह थी कि व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने से पहले ही डीएम को पत्र भेजकर फेरी नीति के तहत स्थायी व्यवस्था की मांग की।
बृहस्पतिवार को पालिका की ओर से पालिकाध्यक्ष ने सभासदों, पुलिस कर्मियों व मजदूरों के साथ खोखा व्यापारियों से मिलकर सामान हटाने की अपील की। इसके बाद पालिकाध्यक्ष के निर्देश पर अस्पताल रोड से होते हुए भैरव चौक तक सभी छोटे-बड़े खोखे हटाए गए। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि शहर में विश्वनाथ चौक, माल रोड व अन्य जगहों पर भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। टीम में ईओ सुशील कुमार, सभासद गोदांबरी थलवाल, हरीश डंगवाल, भूदेव कुड़ियाल, जगदीश रतूड़ी, एसओ महादेव उनियाल, अरविंद उनियाल आदि शामिल थे।
मंच के पीछे का अतिक्रमण भी किया ध्वस्त
पालिका की टीम ने अपने अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान रामलीला मंच के पीछे समिति की ओर से किए जा रहे अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया। कुछ दिन पहले चल रही रामलीला के दौरान पालिका व समिति के लोगों के बीच अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर विवाद हुआ था। तब समिति के पदाधिकारियों ने कहा था कि वे यहां पर एक स्टोर रूम बना रहे हैं।