खुशगवार मौसम में इस बार यमुनोत्री एवं गंगोत्री मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही तीर्थधाम पर्यटकों से गुलजार होने लगे हैं। बड़ी संख्या में गंगोत्री पहुंच रहे देशी-विदेशी पर्यटक गोमुख तक भी पहुंचने लगे हैं। हैरानी की बात है कि राज्यपाल के दिशा-निर्देश के बावजूद गंगोत्री धाम में बिजली और पानी की सुविधा चालू नहीं हो पाई है।
इस बार कपाट खुलने से पहले ही यमुनोत्री गंगोत्री तक बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से यात्रा सीजन अच्छा चलने की उम्मीद मजबूत होती जा रही है। हालांकि सरकारी विभागों की लापरवाही इस पर भारी पड़ती दिख रही है। गंगोत्री धाम में उरेडा अब तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं कर पाया है।
केदारगंगा पर बनी बीस किलोवाट और रुद्रगैरा पर बनी डेढ़ सौ किलोवाट की बिजली परियोजना चालू नहीं हो पाई है। यही वजह है कि शाम होते ही धाम में अंधेरा पसर रहा है। स्थानीय लोग एवं मंदिर समिति जनरेटरों के माध्यम से गंगोत्री मंदिर और अपने प्रतिष्ठान रोशन करने को मजबूर हैं। गंगोत्री में पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। अपने होटल, आश्रम एवं धर्मशालाएं सजाने गंगोत्री पहुंचे लोग गाड गदेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
इन दुश्वारियों के बावजूद यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में पर्यटकों की आवाजाही तेजी से बढ़ रही है। गंगोत्री धाम में रोजाना तीन सौ से अधिक देशी-विदेशी पर्यटक पहुंच रहे हैं। इनमें से कई पर्यटक गंगोत्री नेशनल पार्क में गोमुख तक जा रहे हैं। इस बार चारधाम यात्रा आपदा की छाया से बाहर आने की उम्मीद में यात्रा कारोबारियों में भी खासा उत्साह है।
गंगोत्री व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतेंद्र सेमवाल ने कहा कि शासन-प्रशासन के आला अफसरों के दौरों के बावजूद गंगोत्री धाम में अब तक बिजली पानी की व्यवस्था सुचारु न होना हैरान करने वाला है।