ताबांखानी से कूड़ा हटाने की मांग को लेकर लोगों का धरना 15वें दिन भी जारी
उत्तरकाशी। तांबाखानी से कूड़ा डंपिंग जोन हटाने को लेकर स्थानीय लोगों को धरना 15वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों का कहना है कि दो सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है लेकिन तांबाखानी से कूड़े को पूरी तरह से हटाने के लिए अभी तक नगर पालिका और प्रशासन की ओर से कोई उचित कदम नहीं उठाए गए हैं। इसलिए जब तक कूड़ा पूरी तरह नहीं हट जाता तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
15 दिन पूर्व स्थानीय युवा गोपीनाथ रावत के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने ताबांखानी से कूड़ा हटाने की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। वह लगातार जारी है। इस दौरान उनके धरने को कई लोगों ने अपना समर्थन भी दिया। करीब एक सप्ताह के धरने के बाद नगर पालिका ईओ सहित सफाई निरीक्षक और तहसीलदार आंदोलनकारियों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन वहां पर भी वार्ता विफल हो गई।
आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक कूड़ा पूरी तरह नहीं हट जाता। तब तक वह धरना जारी रखेंगे। उसके बाद उन्होंने यूकेडी के नेताओं के साथ मिलकर पालिका और शासन-प्रशासन का पुतला भी फूंका। आंदोलनकारी गोपीनाथ रावत का कहना है कि पालिका प्रशासन की ओर से कूड़ा निस्तारण के नाम पर करोड़ों की धनराशि खर्च कर दी है लेकिन तांबाखानी से कूड़ा नहीं हट पाया है।
स्थिति यह है कि शहर के मुख्य द्वार पर मौजूद इस कूड़े के कारण नगर की छवि देश-विदेश के पर्यटकों के सामने धूमिल हो रही है। साथ ही हर दिन स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर दिनेश सेमवाल, सागर भंडारी, आशीष सौंदाल, अजय पंवार, राम सिंह आदि मौजूद रहे।