ढाई साल बाद भी अधूरी कफनौल पेयजल योजना
400 परिवारों को झेलनी पड़ रही है किल्लत
नौगांव (उत्तरकाशी)। कफनौल गांव के करीब 400 परिवारों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत पेयजल योजना ढाई वर्ष बाद भी अधूरी पड़ी है। योजना के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाए जाने वाले चार इंच व्यास के पाइप जंगल में जगह-जगह लावारिस हालत में पड़े हैं और बिना उपयोग के जंग खा रहे हैं। योजना पूरी नहीं होने से ग्रामीणों को गर्मियों में आज भी पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबी पेयजल योजना का निर्माण रूपनोल सौड़ तोक से कफनौल गांव तक किया जाना है। हालांकि, निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने योजना की स्वीकृति और सर्वेक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब योजना का बड़ा हिस्सा आरक्षित वन भूमि से होकर गुजरना था तो सर्वे और प्राक्कलन तैयार करते समय इस पहलू का गंभीरता से परीक्षण क्यों नहीं किया गया।
कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम ने प्रथम चरण में गांव में पेयजल कनेक्शन तो उपलब्ध करा दिए हैं लेकिन इनमें फिलहाल पुरानी योजना से ही पानी की आपूर्ति हो रही है। आरक्षित वन भूमि की अनुमति का पेच नई योजना के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। पेयजल निर्माण निगम उत्तरकाशी के अवर अभियंता हरीश कुड़ियाल ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से योजना के निर्माण पर आपत्ति लगाई गई थी जिसका विभागीय स्तर से जवाब भेज दिया गया है।
उन्होंने जल्द आपत्ति निस्तारण की उम्मीद जताई। अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट के उप प्रभागीय वनाधिकारी साधु लाल पलियाल ने कहा कि कार्यदायी संस्था को हर स्तर पर सहयोग दिया गया है। नोडल स्तर की आपत्ति के निस्तारण के लिए संस्था को ही पहल करनी है।