जल गुणवत्ता विश्लेषणात्म तकनीक एवं जल संरक्षण विषय पर हुई कार्यशाला
उत्तरकाशी। राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद देहरादून की ओर से संचालित मां धरा नमन जल शिक्षा कार्यक्रम के तहत मंजीरा देवी विश्वविद्यालय हिटाणु धनारी में एक दिवसीय जल गुणवत्ता, विश्लेषणात्मक तकनीक एवं जल संरक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व विद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल मोहन उपाध्याय ने किया। उन्होंने कहा कि जल जीवन का मूल आधार है। वर्तमान समय में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। कि वह जल संरक्षण एवं स्वच्छ जल के महत्व को समझते हुए इसके संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाए। इसके साथ ही उन्होंने छात्र-छात्राओं से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर समाज में जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
वहीं, मैती आंदोलन के प्रणेता पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन एवं वृक्षारोपण की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ. राजेंद्र सिंह राणा ने जल गुणवत्ता, जल प्रदूषण, वैज्ञानिक परीक्षण विधियों तथा आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। आलोक कठैत ने पेयजल के नमूनों की जांच, पीएच, टीडीएस, क्लोरीन सहित विभिन्न जल गुणवत्ता मानकों की परीक्षण प्रक्रिया को उपकरणों के माध्यम से बताया। डॉ. शंभू प्रसाद नौटियाल ने जल संरक्षण, प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन व सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।