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वनाग्नि की चपेट में आने से सास-बहू की मौत

Wed, 03 Feb 2016 09:38 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला उत्तराकशी
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जंगल में घास लेने गई सास-बहू की वनाग्नि की चपेट में आने से मौत हो गई। भड़कोट गांव निवासी कमला देवी (51) पत्नी शिवदत्त और उनकी बहू जमुना देवी (22) पत्नी हरि सिंह मंगलवार सुबह घास लेने के लिए जंगल गई हुई थीं। इसी दौरान जंगल में लगी आग की चपेट में आने से दोनों महिलाएं बुरी तरह झुलस गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। देर शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने जब उनकी खोजबीन की, तब हादसे का पता चल पाया। सूचना मिलने पर मंगलवार रात को ही राजस्व पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के कारण पंचनामा नहीं हो पाया।
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भड़कोट निवासी अषाढ़ सिंह राणा ने बताया कि शिवदत्त का परिवार आजकल गांव के पास बादागला तोक स्थित अपनी छानियों में रह रहा था। उनका बड़ा बेटा हरि सिंह गुजरात में किसी होटल में नौकरी करता है। अभी सात माह पहले ही उसकी हिरवालगांव टिहरी निवासी जमुना देवी से शादी हुई थी। प्रधान इंदिरा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य पिंकी देवी, उम्मेद सिंह, बचन सिंह, नारायण सिंह आदि ग्रामीणों ने वनाग्नि की चपेट में आई महिलाओं के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

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मंगलवार रात साढ़े आठ बजे हादसे की सूचना मिली। रात को ही राजस्व की टीम मौके पर पहुंच गई थी। दोनों महिलाओं के शव गांव से करीब तीन किमी दूर जंगल में झुलसे हुए पड़े मिले। वनाग्नि की चपेट में आने से ही महिलाओं की मौत हुई है। इस संबंध में रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जा रही है।
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उदय सिंह भंडारी, राजस्व निरीक्षक कमद क्षेत्र।

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जंगल में लगी आग से हुई मौत को आपदा में माना जाता है। राजस्व एवं वन विभाग की रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा कि इन महिलाओं की मौत दावानल से हुई। इसकी पुष्टि होने पर मृतकों के परिजनों को आपदा के तहत शासन से अनुमन्य सहायता मुहैया कराई जाएगी।
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देवेंद्र पटवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उत्तरकाशी।
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