मठ गांव के लोगों ने गांव के एक युवक की पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई करने पर रोष जताते हुए तहसील परिसर में हंगामा किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को बड़ी संख्या में मठ गांव के ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। प्यारे लाल ने एसडीएम को बताया कि बीते 2 जुलाई की रात को वह अपने बेटे श्रवण कुमार के साथ खेत में धान की पौध की सिंचाई कर रहे थे। रात करीब 12 बजे बिना वर्दी के कुछ पुलिस वाले वहां आए। वह किसी व्यक्ति की खोज कर रहे थे। पूछताछ करने पर उन्होंने पुलिस को अपना परिचय दिया। इसके बाद पुलिस ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इससे उनके बेटे श्रवण के सिर, पैर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि मठ राजस्व पुलिस क्षेत्र में है, इसके बावजूद रेगुलर पुलिस किसके निर्देश पर राजस्व क्षेत्र में आई इसकी जांच होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों में संगीता, सुनीता, बीना, बिजली देवी, सरिता, चंद्रमोहन राणा, गोविंद, राजेश, विपिन सहित कई शामिल थे।
वहीं, थानाध्यक्ष ऋतुराज सिंह ने बताया कि पुलिस मनवीर नामक युवक की तलाश में मठ गांव गई थी, जो किसी महिला को कई दिनों से फोन पर परेशान कर रहा था। श्रवण कुमार से पूछताछ करने पर वह अपने घर की तरफ भाग गया और पुलिस से गाली गलौज करने लगा। एसडीएम सोहन सिंह ने बताया कि पीड़ित युवक के पिता ने पुलिस के खिलाफ शिकायत की है।